Saturday, April 3, 2010

one more

 किस्सों में हम यूँ बयां हो गए , पता ही ना चला कहाँ खो गए
बोये थे प्यार के बीज हमने  , जवाँ नफरत के बियाबान हो गए.
-- नरेन्द्र पन्त
   दिनांक - ०३/०४/२०१०

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