Monday, June 28, 2010

जन्म दिवस -2

उम्र के गलियारे में कुलाचे मारते हुए ,
जन्म दिवस का पड़ाव आया.
हल्दी की पोटली ने हाथो को ,
नव परिधानों ने  तन को सजाया.
चलो इस पावन बेला में  मन को भी सजा लो ,
जिसने जना है उनको शीष  नवा लो.

इस बार जन्मदिवस कुछ ऐसे मनाना,
स्वयं से परे किसी की दुनिया सजाना
गौ माता  की थोड़ी सी  सेवा करना  ,
तैतीस करोड़ देवो का आशीष पाना.
आनंद जो मिलेगा फूले नहीं समाओगे  ,
हर घडी , पल छिन को जन्म दिवस पाओगे .

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     नरेन्द्र पन्त
     जून २८ ,२०१०

1 comments:

Udan Tashtari said...

अच्छी सलाह!