Wednesday, September 8, 2010

last day at bangalore

"पल भर पहले की दुनिया की खुशियाँ,
डूबती पलकों में सजा कर ले चला हूँ
जिस मोड़ पर मिलेंगे हम फिर,
आधी आधी बाँट लेंगे "
 --- नरेन्द्र पन्त 

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