उम्र देवदार की आंखो में आंखे डाल , दिल मिट्टी के खिलौनों की ख्वाहिश में ,
सूख जाएंगे तेरे ग़म के आंसू , आ भीग मेरे संग कभी बारिश में ।
Sunday, September 22, 2019
Devdaar
Friday, September 20, 2019
ये साल
तू उम्मीद सी बढ़ रही , पल पल इस साल में,
जादू बस तेरा चलता , अपने इस हाल में ।
ना मिले तो दिन अरसा सा बीते है,
हाय ये रात बीते जाने किस सवाल में ।
दिल से जीत लेंगे , नई ये जंगे भी,
लूट लेंगे दौड़कर, कटी पतंगे भी,
साल एक और बढ़ा , उम्र के खज़ाने में,
सदियों सा फासला, तेरे आने और जाने में ।
एक दिन और चढ़ा और चढ़ी उमंगे भी ,
तुम कहो तो मैं कुछ कहूं।
धड़कने कुछ कह रही , चुपचाप सुन लेना,
तुम कहो तो मैं चुप रहूं ।
- नरेंद्र पंत
20/9/2019
Subscribe to:
Posts (Atom)