हायं ,क्या टोपी पहनना वाकई में जरूरी है ? न ही मौसम बदहाल है, जो उससे बचने की ठानो . वैसे ही इतने प्रदूषण से बालो को दमे की शिकायत है, कृपया गला न घोंटे और अगर फैशन के लिए जरूरी समझते हैं तो व्यर्थ मालूम होता है. सभी ने पहनी है ,क्या खाक फैशन ( आजकलक मैसन के फैशनक अत्ति ख़याल छ ). हाँ कोई धार्मिक पहलू है तो जरुर पहनिए , आजकल उपरवाला कुछ खफा मालूम होता .सर पर डंडे की मार थोड़ी कम पीडादायिनी प्रतीत होगी. कृपया टोपी का प्रयोग (मौलिक और चारित्रिक ) गंजेपन तक सीमित रखें.
-- नरेन्द्र पन्त
२३ अगस्त ,२०११