रख दूं एक सांस और ,
तोल
तोल
ले तराजू पे, तोड़ दे ये मापने का मायना.
बदलने दे धडकनों को कतारें,
लुट जाने दे उस पोटली में बंधे
मूंगफली के दो दाने,
बीते बरस के वो दाड़िम,
अब खट्टे रहे नहीं ,वो
रिश्ते जो कभी नासूर हुआ करते थे.
---
नरेन्द्र पन्त
१४ जनवरी , २०१२
1 comments:
Is this because you are upset about the gilehris?
Post a Comment